हे संत शीरोमनी ग्यान नीधी | हे परम भगत हरीदास नमः ||
मद काम क्रोध लोभादी रहीत | हे तप नीधी तेज नीवास नमः ||
धन धरणी देह धाम तज कर | हुए जीवन मुक्त राम भज कर |
रात इश्वर सुबह शाम रज कर | नई मेट वीकट यम् त्रास नमः ||
हे संत शीरोमनी ग्यान नीधी | हे परम भगत हरीदास नम: ||
मन कर्म वाणी तज माया को | जन शरण तुम्हारी आया जो ||
कर दरश अभय पद पाया सो | सन्तत सुख पुर में बास नम: |
हे संत शीरोमनी ग्यान नीधी | हे परम भगत हरीदास नम: ||
नीझ इच्छा नर तन धारण कीया | वसुधा का पाप नीवारण कीया ||
पर्भु नम का नीत उच्चारण कीया | लीए काट जन्म यम फांस नम: ||
हे संत शीरोमनी ग्यान नीधी | हे परम भगत हरीदास नम: ||
तज कर भव बाधा सारी को | रटते दीन रात मुरारी को ||
इस शरण में खड़े पुजारी को | दीयो पूरण ग्यान पर्काश नम: ||
हे संत शीरोमनी ग्यान नीधी | हे परम भगत हरीदास नम: ||
मद काम क्रोध लोभादी रहीता | हे नीधी तेज नीवास नम: ||
मंत्र
ओउम श्री हरीदास हरिदसाय नम: