बाबा हरीदास जी की जीवन का यह नया तथा संशोधीत संस्करण सर्दालु महानुभावों की सेवा में पर्स्तुत बाबा हरीदास लोक सवा मंडल दव्रा कीया गया है !
संत बाबा हरीदास जी की पर्स्तुत जीवनी जन-स्त्रुतीयों पर आधारीत हैं | इसे पर्कासन योगः बनाने में अनेक लोगों ने सहयोग पर्दान कीया है | योगदान देने वाले सभी लोगो का नाम उल्लेख करना संभव नहीं है | फीर भी उन सबका हम हार्दीक धन्यवादी हैं |जीन्होने पाठ्य सामग्री संकलन में सहयता दी है | इस संकल को प्रिस्क्र्त एवं प्रिमार्जीत बढाने में जो सज्जन हमें अपने सुझाव भेजेंगें उनका सवागत करते है |
आसा है सर्धालु लाभावंत होंगे |
नीवेदक
बाबा हरीदास लोक सेवा मंडल (रजी)
झादोदा कलां, नई दीलही - 72
आरती |
हे संत शीरोमनी ग्यान नीधी | हे परम भगत हरीदास नमः ||
मद काम क्रोध लोभादी रहीत | हे तप नीधी तेज नीवास नमः ||
धन धरणी देह धाम तज कर | हुए जीवन मुक्त राम भज कर |
रात इश्वर सुबह शाम रज कर | नई मेट वीकट यम् त्रास नमः ||